कानपुर के एक अधिवक्ता प्रभाकर टंडन ने लॉक डाउन के दौरान दिल्ली में फंसी अपनी बहन को घर लाने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण ली है। अधिवक्ता ने ई-मेल के जरिए याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट से गुहार लगाई की उसे दिल्ली में फंसी अपनी बहन को घर लाने की अनुमति दी जाए।
उन्होंने याचिका में मांग की है कि स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया जाए कि वह इस बाबत उन्हें पास जारी करें। अधिवक्ता की याचिका पर संज्ञान लेकर मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर ने प्रदेश सरकार से इस मामले में जानकारी मांगी।
अपर शासकीय अधिवक्ता मुर्तजा अली ने कोर्ट को ई-मेल के जरिए बताया कि याची को पहले ही पास जारी कर दिया गया है। इस स्थिति में याचिका औचित्यहीन हो चुकी है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार द्वारा दी गई जानकारी के बाद याचिका निस्तारित कर दी है।
याची का कहना था कि उनकी बहन दिल्ली किसी काम से गई थी। इस बीच लॉकडाउन की घोषणा हो गई और आवागमन के साधन बंद हो जाने से वह दिल्ली में ही फंस गई है। इस हालात में उसे पास जारी किया जाए, ताकि वह अपनी बहन को सुरक्षित घर ला सकें।