दो दिन बर्फबारी के बाद रविवार को मौसम खुलते ही कोकसर से चार किलोमीटर दूर फुमड़नाला में हिमखंड गिर गया। अभी भी लाहौल के कई क्षेत्रों में हिमखंड गिरने का खतरा बना हुआ है। बचाव चौकी कोकसर के अनुसार फुमड़नाला में गिरे हिमखंड को कटाने के लिए बीआरओ की मशीनरी जुट गई है। सिस्सू से बीआरओ की मशीन सड़क से बर्फ हटाती हुई गोंधला के शेल्टू तक पहुंच चुकी है।
बर्फबारी से टूटे तारों और गिरे खंभों को ठीक करने और बिजली आपूर्ति बहाल करने में बिजली कर्मी जुटे हुए हैं। कोकसर पंचायत की प्रधान अंजू देवी ने कहा कि बर्फबारी और कर्फ्यू के बीच लोगों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। सिस्सू पंचायत के उपप्रधान मनोज ने कहा कि बर्फबारी से चंद्रा घाटी के सभी संपर्क मार्ग बंद हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले 48 घंटों में रोहतांग, बारालाचा, कुंजुम और शिगरी ग्लेशियर में तीन से चार फीट तक भारी हिमपात होने से की सूचना है। रविवार को सुबह से मौसम साफ होने से लोग घरों से बाहर निकले। गोम्पाथांग निवासी अनिल शाशनी ने कहा कि मौसम साफ होने पर लोगों ने घरों की छतों और आंगन से बर्फ हटाई।
रोहतांग सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी
जिला कुल्लू में रविवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली जिससे रोहतांग सहित मनाली की ऊंची चोटियों पर ताजा हिमपात हुआ है। घाटी की चोटियों मकरवे, शिकरवे, सेवन सिस्टर पीक, मनाली पीक, लद्दाखी पीक, व्यास कुंड, भृगु झील, हनुमान टिब्बा, देउ टिब्बा, शेगड़ी शकेरी पीक, मनाली पीक, हामटा पास, शलीण धार में भी ताजा हिमपात हुआ है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।